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मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि खेत किसान की आत्मा हैं और फसलों को प्राकृतिक आपदाओं एवं अन्य जोखिमों से बचाने के लिए वैज्ञानिक खेती, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना आवश्यक है।

मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि खेत किसान की आत्मा हैं और फसलों को प्राकृतिक आपदाओं एवं अन्य जोखिमों से बचाने के लिए वैज्ञानिक खेती, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना आवश्यक है।

 

रुद्रप्रयाग, 13 जून। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत शनिवार को विकासखंड जखोली के ग्राम मेदनपुर में कृषक गोष्ठी एवं कृषक-वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के कृषि एवं जनपद रुद्रप्रयाग के प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से सीधा संवाद कर आधुनिक, वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया।

 

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में मिलेट्स और चौलाई से बने लड्डुओं को केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में प्रसाद के रूप में तैयार किया जा रहा है, जिससे स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिल रही है तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।उन्होंने बताया कि प्रदेश में 50 हजार पॉलीहाउस स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके प्रथम चरण में 16 हजार पॉलीहाउस लगाए जाएंगे। साथ ही मिलेट्स, ड्रैगन फ्रूट, कीवी एवं सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। अरोमा मिशन के तहत 91 हजार किसानों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मंत्री जोशी ने मेदनपुर के किसानों की सराहना करते हुए कहा कि यहां के कृषक नई तकनीकों को अपनाकर खेती में नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेत किसान की आत्मा हैं और फसलों को प्राकृतिक आपदाओं एवं अन्य जोखिमों से बचाने के लिए वैज्ञानिक खेती, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना आवश्यक है।

 

कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री ने महिला समूहों द्वारा मिलेट्स एवं चौलाई से तैयार किए जा रहे लड्डुओं का अवलोकन किया तथा समूह की महिलाओं से संवाद कर उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कृषि विभाग द्वारा स्थापित फूलों की खेती, जियो टैंक एवं पॉलीहाउस का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि रुद्रप्रयाग पूर्णतः जैविक जनपद है। यदि कोई व्यक्ति जिले में रासायनिक उर्वरकों की बिक्री करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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