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मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत की सख्ती का असर, वर्षों पुरानी देरी की परंपरा टूटी, समय पर बच्चों को मिली किताबें

 

मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत की सख्ती का असर, वर्षों पुरानी देरी की परंपरा टूटी, समय पर बच्चों को मिली किताबें

 

सूबे की शिक्षा व्यवस्था में पहली बार नये शिक्षा सत्र के शुभारम्भ के मात्र एक सप्ताह के भीतर प्रदेशभर के राजकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में 23,71,789 निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें छात्र-छात्राओं को वितरित की गई। यह उपलब्धि शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत के नेतृत्व एवं सतत प्रयासों का प्रतिफल है। जिनकी पहल पर कक्षा-1 से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को समय पर किताबें मिली हैं। नई किताबें मिलने से जहां विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां निर्बाध रूप से संचालित होंगी वहीं बच्चों को पढ़ाई करने में भी आसानी होगी।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत की सख्ती के बाद शिक्षा विभाग ने वर्षों से चली आ रही देरी की परम्परा को तोड़ते हुये पहली बार छात्र-छात्राओं को समय पर निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई है। शिक्षा विभाग के मुताबिक नये शैक्षिक सत्र-2026-27 के शुरू होते ही विद्यालयों में कक्षा-01 से लेकर 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को किताबें वितरित कर दी गई है। सत्र शुरू होने के एक सप्ताह के भीतर विभाग ने 2371789 निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें वितरित कर दी है। जिसमें अल्मोड़ा जनपद के विभिन्न विद्यालयों में 137334 किताबें बांटी गई। इसी प्रकार बागेश्वर में 46891, चमोली 129461, चम्पावत 78142, देहरादून 436134, हरिद्वार 446311, नैनीताल 197687, पौड़ी 107799, पिथौरागढ़ 118329, रूद्रप्रयाग 74869, टिहरी 104559, ऊधमसिंह नगर 425176 तथा उत्तरकाशी जनपद के विद्यालयों में 69097 पाठ्य पुस्तकों का वितरण किया गया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सभी जनपदों से कुल 7818145 पाठ्य पुस्ताकें की मांग प्राप्त हुई थी, जिसमें से अधिकांश पुस्तकें उलब्ध करा दी गई जबकि अवशेष पुस्तकों का वितरण युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। विद्यालयों में किताबों की कोई कमी न हो इसके लिये संबंधित अधिकारियों को निरंतर माॅनिटिरिंग के साथ-साथ फीडबैक लेने के निर्देश दे दिये गये हैं। अधिकारियों ने बताया कि विद्यालयों में समय पर किताबें मिलने से जहां शैक्षणिक गतिविधियां बिना किसी बाधा के संचालित हो रही हैं, वहीं छात्र-छात्राओं में पढ़ाई के प्रति उत्साह भी बढ़ा है। वहीं अभिभावकों ने भी सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए इसे शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा सुधार बताया है।

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नये शिक्षा सत्र के एक सप्ताह के भीतर 23 लाख से अधिक निःशुल्क किताबें बच्चों को वितरित कर दी गई है। पहली बार बच्चों को नये शिक्षा सत्र शुरू होते ही किताबें मिली है जो शिक्षा व्यवस्था में बड़े साकारात्मक बदलाव का संकेत है। भविष्य में भी इसी तरह की व्यवस्था सुनिश्चित हो इसके लिये अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं, हमारी प्राथमिकता प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है, ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल हो। – *डाॅ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।*

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