मुख्यमंत्री धामी की तत्परता से भारी बर्फबारी के बीच उच्च हिमालय में फंसे ट्रेकर्स, पोर्टर्स और सपोर्ट स्टाफ का महज डेढ़ दिन में सफल रेस्क्यू

मुख्यमंत्री धामी की तत्परता से भारी बर्फबारी के बीच उच्च हिमालय में फंसे ट्रेकर्स, पोर्टर्स और सपोर्ट स्टाफ का महज डेढ़ दिन में सफल रेस्क्यू

उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और चुनौतीपूर्ण मौसम के बीच फंसे ट्रेकर्स, पोर्टर्स और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षित वापसी के लिए चलाया गया रेस्क्यू अभियान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में महज डेढ़ दिन में सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। विषम परिस्थितियों में प्रशासन और रेस्क्यू एजेंसियों की तेज कार्रवाई ने अभियान को सुरक्षित अंजाम तक पहुंचाया।
मुख्यमंत्री धामी ने पूरे अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को तत्परता, समन्वय और हर जरूरी संसाधन के साथ रेस्क्यू सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने कालिंदी पास, ऑडिन कोल, सतोपंथ और जोगिन-I सहित उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाया।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने पहले दिन हर्षिल पहुंचकर जमीनी स्तर पर रेस्क्यू की निगरानी की, जबकि स्मार्ट कंट्रोल रूम से भी अभियान की पल-पल की जानकारी ली गई। दूसरे दिन भी उन्होंने कंट्रोल रूम से संबंधित टीमों को लगातार दिशा-निर्देश दिए। अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र हर्षिल में मौके पर मौजूद रहीं।
अभियान के तहत कुल 67 सदस्यों को सुरक्षित निकाला गया। इनमें ऑडिन कोल से 29, जोगिन-I से 8, सतोपंथ से 8, कालिंदी पास से 19 और वासुकी ताल से 3 आर्मी पोर्टर्स शामिल हैं।
जिला प्रशासन, पुलिस, SDRF, आपदा प्रबंधन और अन्य संबंधित एजेंसियों ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारी निभाई।
वहीं श्रीकंठ एक्सपीडिशन का 18 सदस्यीय SSB दल अपना अभियान पूरा करने की प्रक्रिया में है, जबकि अन्य अभियान दल भी सुरक्षित वापसी कर रहे हैं।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में शुरू किया गया रेस्क्यू अभियान सुरक्षित रूप से पूरा कर लिया गया है। उन्होंने विषम परिस्थितियों में सभी एजेंसियों के समन्वित प्रयास की सराहना की।
मुख्यमंत्री धामी के स्पष्ट निर्देश, प्रशासन की लगातार निगरानी और रेस्क्यू टीमों की तत्परता—इसी समन्वित रणनीति से हिमालय की कठिन परिस्थितियों के बीच डेढ़ दिन में अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।



