धामी बोले—राहुल के बयानों को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं

धामी बोले—राहुल के बयानों को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं

उत्तराखंड की राजनीति में आजकल दो तस्वीरें सबसे ज्यादा चर्चा में हैं एक तस्वीर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की थी, जो खराब मौसम और बारिश के बावजूद भीमताल और नैनीताल में जनता तथा कार्यकर्ताओं के बीच मौजूद रहे। दूसरी तरफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी का प्रस्तावित अल्मोड़ा/पौड़ी दौरा नहीं हो सका और उनका कार्यक्रम स्थगित हो गया।
भाजपा इस पूरे घटनाक्रम को नेतृत्व शैली और जनसंपर्क के नजरिए से देख रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री धामी ने कई मौकों पर विपरीत परिस्थितियों में भी जनता के बीच पहुंचकर अपनी कार्यशैली का परिचय दिया है। भाजपा नेताओं के अनुसार, राज्य में आपदा के समय भी मुख्यमंत्री प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते रहे हैं और राहत कार्यों की निगरानी करते रहे हैं।
नैनीताल में मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके बयानों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अक्सर ऐसे बयान देते हैं जो देश की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री धामी की पहचान हाल के वर्षों में कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों के कारण भी बनी है। समान नागरिक संहिता (यूसीसी), नकल विरोधी कानून, भू-कानून, मदरसा बोर्ड समाप्त, तथा अन्य प्रशासनिक निर्णयों को भाजपा उनकी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में गिनाती है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। समर्थक इसे जनता के बीच सक्रिय नेतृत्व और जनसंपर्क का उदाहरण बता रहे हैं, फिलहाल दोनों तस्वीरें उत्तराखंड की राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। और यह भी कहां जा रहा है कि राहुल गांधी का उत्तराखंड में पूर्व सैनिक विरोध कर रहे थे, क्योंकि राहुल गांधी ने बार-बार सेना के लिए ऐसी टिप्पणी करें जो पूर्व सैनिकों को पसंद नहीं, जिसका सैनिकों ने विरोध किया, जिसमें स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत पर की गई टिप्पणी भी शामिल है, और बढ़ते विरोध को देखकर भी राहुल ने उत्तराखंड से वापस जाना ही ठीक समझा



