उत्तराखंड

प्रतिभा, परिश्रम और संस्कार का संगम, एसजीआरआर के छात्र ने किया उत्तराखण्ड गौरवान्वित

 

प्रतिभा, परिश्रम और संस्कार का संगम, एसजीआरआर के छात्र ने किया उत्तराखण्ड गौरवान्वित

 

 

चमोली जिले के सुदूर पर्वतीय क्षेत्र गोपेश्वर से निकलकर आईआईटी मुंबई तक का सफर तय करने वाले आलेख परमार ने यह साबित कर दिया है कि मंजिल तक पहुंचने के लिए संसाधनों से ज्यादा मजबूत इरादों की जरूरत होती है। सीमित सुविधाओं वाले पहाड़ से निकलकर देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में स्थान बनाना पूरे उत्तराखण्ड के लिए गर्व का विषय है।

इस उपलब्धि के पीछे छात्र की मेहनत के साथ-साथ श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल, गोपेश्वर का गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, शिक्षकों का मार्गदर्शन और प्रेरणादायी शैक्षणिक वातावरण भी महत्वपूर्ण रहा। विद्यालय ने एक बार फिर साबित किया कि प्रतिभा को सही दिशा मिले तो पहाड़ का युवा भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकता है।

श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के माननीय प्रेसीडेंट श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज जी ने आलेख परमार को आशीर्वाद देते हुए कहा कि यह सफलता पूरे एसजीआरआर परिवार और उत्तराखण्ड के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने विश्वास जताया कि आलेख आगे भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे।

आलेख परमार आज उन हजारों पहाड़ी युवाओं के लिए प्रेरणा हैं, जो बड़े सपने देखते हैं। उनकी सफलता का संदेश स्पष्ट है—यदि संकल्प मजबूत हो, सही मार्गदर्शन मिले और मेहनत निरंतर हो, तो पहाड़ की ऊंचाइयों से निकलकर दुनिया की हर ऊंचाई हासिल की जा सकती है।

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